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नई दिल्ली: ग्लोबल स्तर पर कच्चे तेल और एनर्जी मार्केट में जारी उतार-चढ़ाव के बीच केंद्र सरकार ने पेट्रोल, डीजल और विमानन ईंधन यानी ATF के निर्यात पर लगने वाले विंडफॉल टैक्स में बड़ी राहत दी है। सरकार का यह फैसला 15 अगस्त 2026 से लागू हो गया है। इसके तहत पेट्रोल के निर्यात पर लगने वाला शुल्क पूरी तरह खत्म कर दिया गया है, जबकि डीजल और ATF पर भी टैक्स कम किया गया है।
सरकार के इस फैसले को ग्लोबल एनर्जी बाजार में बदलती परिस्थितियों के बीच एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। पिछले कुछ समय से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल की कीमतों और सप्लाई को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। इसी वजह से सरकार समय-समय पर पेट्रोलियम उत्पादों के निर्यात पर लगने वाले विंडफॉल टैक्स की समीक्षा कर रही है।
पेट्रोल पर टैक्स हुआ जीरो
नई व्यवस्था में पेट्रोल के निर्यात पर लगने वाला शुल्क 3.5 रुपये प्रति लीटर से घटाकर शून्य कर दिया गया है। यानी अब पेट्रोल निर्यात करने वाली कंपनियों को इस शुल्क का भुगतान नहीं करना होगा। इससे पेट्रोलियम कंपनियों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में निर्यात के दौरान कुछ राहत मिल सकती है।
डीजल पर भी मिली राहत
डीजल के निर्यात पर लगने वाला कुल शुल्क अब 25.5 रुपये प्रति लीटर से घटाकर 24 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है। यानी डीजल के निर्यात पर 1.5 रुपये प्रति लीटर की कमी की गई है। सरकार का यह बदलाव पेट्रोलियम कंपनियों के निर्यात मार्जिन को प्रभावित कर सकता है और अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रतिस्पर्धा को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है।
ATF पर भी कम हुआ टैक्स
विमानन टरबाइन ईंधन यानी ATF के निर्यात पर भी सरकार ने शुल्क कम किया है। पहले ATF पर 22 रुपये प्रति लीटर का शुल्क था, जिसे अब घटाकर 19.5 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है। इससे विमानन ईंधन का निर्यात करने वाली कंपनियों को राहत मिलने की उम्मीद है।
क्या आम लोगों को सस्ता मिलेगा पेट्रोल-डीजल?
सरकार के इस फैसले को लेकर सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या इससे देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतें कम होंगी? यहां यह समझना जरूरी है कि सरकार ने घरेलू बिक्री पर लगने वाले टैक्स में कटौती नहीं की है, बल्कि पेट्रोल, डीजल और ATF के निर्यात पर लगने वाले शुल्क में बदलाव किया है। इसलिए इस फैसले का सीधा मतलब यह नहीं है कि पेट्रोल और डीजल की कीमतें तुरंत कम हो जाएंगी।
सरकार पेट्रोलियम उत्पादों के निर्यात शुल्क की दरों की समय-समय पर समीक्षा करती है। ये दरें अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमत, पेट्रोलियम उत्पादों के दाम और वैश्विक बाजार की स्थिति को ध्यान में रखकर बदली जाती हैं।
फिलहाल, पेट्रोल के निर्यात पर शुल्क शून्य, डीजल पर 24 रुपये और ATF पर 19.5 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है। ऐसे में सरकार का यह कदम पेट्रोलियम सेक्टर और निर्यातकों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है।
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